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स्वामी रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि ने एक आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल लॉन्च की है , बढ़ाएगी इम्युनिटी , १०० प्रतिशत लोग ठीक हुए |

स्वामी रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि ने एक आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल लॉन्च की है , बढ़ाएगी इम्युनिटी , १०० प्रतिशत लोग ठीक हुए |

स्वामी रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि ने कोरोना वायरस की एक आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल लॉन्च की है , बढ़ाएगी इम्युनिटी , १०० प्रतिशत लोग ठीक हुए |


स्वामी रामदेव के नेतृत्व वाली पतंजलि ने एक आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल लॉन्च की है, जो कोरोनावायरस के इलाज का दावा करती है। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के एमडी आचार्य बालकृष्ण ने ट्विटर पर घोषणा की थी कि कंपनी ने कोरोनावायरस के लिए एक दवा ढूंढ ली है। कुछ घंटे बाद, योग गुरु स्वामी रामदेव द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान दवा का अनावरण किया गया, जिसमें आचार्य बालकृष्ण भी शामिल थे।


आचार्य बालकृष्ण ने घोषणा की कि यह कोरोनावायरस संक्रमण के खिलाफ पहली और सबसे महत्वपूर्ण सबूत आधारित आयुर्वेदिक दवा है। हरिद्वार में पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर के संयुक्त शोध के आधार पर, हरिद्वार में हरिद्वार के दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड द्वारा दवा का निर्माण किया गया है।

मीडिया को संबोधित करते हुए, स्वामी रामदेव ने कहा कि पिछले तीन दिनों में 100 लोगों पर दवा का परीक्षण किया गया था, जिसमें से 69 प्रतिशत बीमारी से ग्रस्त थे। उन्होंने कहा कि लोगों के पास दवा के बारे में अपने सवाल हो सकते हैं लेकिन पतंजलि के पास हर बात का जवाब है। उन्होंने कहा कि दवा सभी चिकित्सा दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

पतंजलि आयुर्वेदिक दवाओं द्वारा परीक्षण किया गया था। संवाददाता सम्मेलन में वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और शोधकर्ताओं ने भी भाग लिया। यह कार्यक्रम हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ में आयोजित किया गया था।

अनावरण के बाद, समाचार एजेंसी एएनआई ने आचार्य बालकृष्ण के हवाले से कहा था कि उन्होंने पहले एक सिमुलेशन चलाया था जिसके बाद उपन्यास कोरोनोवायरस से लड़ने वाले यौगिकों की पहचान की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने फिर कई रोगियों पर नैदानिक ​​परीक्षण किया, जिन्होंने COVID-19 के लिए सकारात्मक परीक्षण किया था और परिणाम अनुकूल थे। उन्होंने आगे कहा था कि उनकी दवा लेने के बाद, मरीज पांच से 14 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं, जिसके बाद उन्होंने बीमारी के लिए नकारात्मक परीक्षण किया।

चिकित्सा को ऐसे समय में शुरू किया गया है जब कोरोनोवायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि जारी है, जब तक कि जीवन सामान्य रूप से वापस आने लगता है। भारत में ही, सोमवार तक के मामले 4.25 लाख थे, जबकि मरने वालों की कुल संख्या 13,000 से अधिक है।

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रोग-प्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी पावर सभी लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण चीज़ है।


डॉक्टर भी लोगों को इसे बनाए रखने या फिर बढ़ाने की सलाह देते हैं, लेकिन लोगों के मन में यह सवाल आता है, कि वे अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
इसी कारण, उन्हें मौसम के बदलने, किसी नई बीमारी के होने, परिवार में किसी अन्य व्यक्ति के बीमारी होने इत्यादि परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस बिंदू पर आपके मन में यह सवाल ज़रूर आया होगा कि आखिरकार रोग-प्रतिरोधक क्षमता को इतनी जरूरी क्यों है और इसे बढ़ाया जा सकता है।
आपको ऐसे सवालों को लेकर अधिक परेशान होने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि इस लेख को पढ़कर इम्युनिटी पावर से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएगें।
तो बनाए समय बर्बाद किए आइए इस लेख को शुरू करते हैं।

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रोग प्रतिरोधक क्षमता क्या है? (What is immunity power?in Hindi)


प्रतिरक्षा प्रणाली में अंग,कोशिकाएं, टिशू और प्रोटीन इत्यादि शामिल होते हैं।
ये सभी तत्व मिलकर मानव-शरीर को सही तरीके से काम करने में सहायता करते हैं।
इसके साथ में प्रतिरक्षा प्रणाली मानव-शरीर को बीमारियों, संक्रमण, वायरस इत्यादि से लड़ने में सहायता करते हैं।
इस प्रकार, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बीमारियों से लड़ने की शक्ति है, जो व्यक्ति को सेहतमंद रहने में सहायता करती है।


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रोग-प्रतिरोधक क्षमता क्यों जरूरी है? (Why immunity power is important? in Hindi)

जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि सभी लोगों के लिए बेहतर रोग-प्रतिरोधक क्षमता होना काफी जरूरी है क्योंकि यह उसे मुख्य रूप से इन 5परेशानियों से बचाती है-

सेहतमंद रहना- रोग-प्रतिरोधक क्षमता के सही होने का प्रमुख कारण सेहतमंद रहना है।
जिस व्यक्ति की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, वह अधिक सेहतमंद रहता है।
मानसिक रूप से मजबूत होना- रोग-प्रतिरोधक क्षमता का असर लोगों के शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क पर भी पड़ता है।
यह उससे मानसिक रूप से मजबूत रहने में मदद करती है, जिससे उसे मानसिक रोग होने की संभावना कम हो जाती है।
शारीरिक मज़बूती बनी रहना- रोग-प्रतिरोधक क्षमता व्यक्ति को शारीरिक रूप से मजबूत रहने में सहायता रहती है।

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एक ओर, कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति को कमज़ोर महसूस होती है,वहीं दूसरी ओर मजबूत रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति को ऐसी कोई समस्या नहीं होती है,बल्कि उसकी शारीरिक मज़बूती बनी रहती है।
आने वाली पीढ़ियों को सेहमंद रखना- अक्सर, कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता की समस्या पीढ़ी दर तक चलती रहती है, जिसकी वजह से यह समस्या आने वाली पीढ़ियों में भी देखने को मिल सकती है।
इसी कारण, इसे मजबूत बनाने की आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी सेहतमंद रहे।
परिवार को गंभीर बीमारियों से बचाना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का असर आने वाली पीढ़ियों पर नहीं बल्कि परिवार के मौजूद सदस्यों की सेहत पर भी पड़ता है।
इस प्रकार, सभी लोगों को अपनी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उनके परिवार के सदस्यों को किसी तरह की बीमारी न हो।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होने के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Low immunity power in Hindi)
किसी भी व्यक्ति के लिए कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का होना चिंताजनक होता है।
किसी भी अन्य समस्या की तरह कमज़ोर इम्युनिटी पावर के भी कुछ लक्षण होते हैं, जिन्हें किसी शख्स को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
इस प्रकार, यदि किसी शख्स को अपने शरीर में निम्नलिखित लक्षण नज़र आए तो उसे तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए क्योंकि ये कमज़ोर इम्युनिटी पावर के संकेत हो सकते हैं-

तनाव महसूस होना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का प्रमुख लक्षण तनाव महसूस होना क्योंकि इसका असर व्यक्ति के शरीर के साथ-साथ उसके मानसिक सेहत पर भी पड़ता है।
इस प्रकार, यदि किसी व्यक्ति को अचानक से किसी भी काम में मन न लगाना, लोगों से  न मिलना इत्यादि जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो उसे तुरंत मनोवैज्ञानिक से मिलकर अपनी सेहत की जांच करानी चाहिए ताकि तनाव का इलाज समय रहते कराया जा सके।
अधिक सर्दी लगना- यदि किसी शख्स को अधिक सर्दी महसूस हो तो उसे इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि यह लॉ इम्युनिटी पावर का लक्षण हो सकता है।
पेट संबंधी परेशानियां होना- अगर किसी शख्स को पेट संबंधी परेशानियाँ जैसे दस्त लगना, कब्ज होना, गैस होना इत्यादि होती हैं, तो उसे मेडिकल सहायता लेनी पड़ सकती है क्योंकि यह कमज़ोर रोग- प्रतिरोधक क्षमता का लक्षण हो सकता है।
चोट को ठीक होने में समय लगना- सभी लोगों को चोट को लगती ही रहती है, जो कुछ समय के बाद स्वयं ही ठीक हो जाती है।
लेकिन, यदि किसी शख्स की चोट लंबे समय तक ठीक न हो तो उसे इसकी सूचना अपने डॉक्टर को देनी चाहिए क्योंकि ऐसा कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का संकेत हो सकता है।
संक्रमण होना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का अन्य लक्षण संक्रमण होना है।
ऐसी स्थिति में संक्रमित लोगों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए ताकि उन्हें संक्रमण से छुटकारा मिल सके।
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कमज़ोरी महसूस होना- लॉ इम्युनिटी पावर का अन्य लक्षण कमज़ोरी महसूस होना है।
हालांकि,लोग कमज़ोरी महसूस को सामान्य समस्या समझते हैं, लेकिन उनका ऐसा सोचना उन्हें बीमारी बना सकता है।
 

कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता के कारण क्या हैं? (Causes of low immunity power in Hindi)

हालांकि, कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता के सटीक कारण का पता नहीं लग पाया है।
इसके बावजूद इस पर किए गए अध्ययनों से यह बात स्पष्ट है कि कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता मुख्य रूप से इन 5 कारणों से हो सकती है-

अनहेल्थी फूड खाना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का प्रमुख कारण अनहेल्थी फूड खाना है।
चूंकि, हमारे खान-पान का असर हमारी सेहत पर पड़ता है, इसलिए खान-पान सही न होने पर कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्या का कारण बन सकता है।
नशीले पदार्थों का सेवन करना- यदि कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों का सेवन अधिक मात्रा में करता है तो उसे कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता होने की संभावना काफी अधिक रहती है।
पर्याप्त नींद न लेना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता होने की संभावना ऐसे लोगों में अधिक रहती है, जो पर्याप्त नींद नहीं लेते है।
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वजन का अधिक होना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का अन्य कारण वजन का अधिक होना है।
ऐसे लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उन्हें लॉ इम्युनिटी पावर की समस्या न हो।
एक्सराइज़ न करना- यदि कोई व्यक्ति एक्सराइज़ न करे तो उसे कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता होने की संभावना काफी अधिक रहती है।
कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता के जोखिम क्या हैं? (Low immunity power complications in Hindi)
किसी भी व्यक्ति के लिए कमज़ोर इम्युनिटी पावर काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
यह उसे बीमारी बनने के साथ-साथ निम्निखित जोखिमों का शिकार भी बना सकती है-

संक्रमण होना- कमज़ोर रोग- प्रतिरोधक क्षमता का प्रमुख जोखिम संक्रमण होना है।
जिस व्यक्ति की लॉ इन्युनिटी पावर होती है,तो उसे किसी भी अन्य संक्रमण होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। कोरोनावायरस
ऑटोइम्यून विकार होना- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता का अन्य जोखिम ऑटोइम्यून विकार (Autoimmune disorder) का होना है।
जब कोई बीमारी शरीर के हेल्थी सेल्स को प्रभावित करें, तो उन्हें ऑटोइम्यून विकार कहते हैं।
शरीर के अंगों का खराब होना- यदि कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को दूर न किया जाए तो इसका असर शरीर के अन्य अंगों जैसे दिल, फेफड़े, गुर्दे इत्यादि पर पड़ सकता है।
लॉ इम्युनिटी पावर की वजह से ये अंग खराब हो सकते हैं, जिसके लिए मेडिकल सहायता की जरूरत पड़ सकती है। कोरोनावायरस
शरीर और दिमाग का धीरे विकास होना- अक्सर,आपने ऐसे लोगों को देखा होगा जिनका दिमागी विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है।
ऐसा मुख्य रूप से कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता की वजह से होता है।
कैंसर का खतरा बढ़ना- आमतौर पर,कमज़ोर रोग- प्रतिरोधक क्षमता गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
इस प्रकार, लॉ इम्युनिटी पावर से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए? (How to increase immunity power? in Hindi)
हालांकि, कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता लोगों को बीमारी बनाने के साथ-साथ उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
इसके बावजूद, राहत की बात यह है कि किसी भी अन्य समस्या की तरह ला इम्युनिटी पावर को भी बढ़ाया जा सकता है, और इसके जोखिमों से रक्षा की जा सकती है।
इसी कारण, यदि कोई व्यक्ति इन 5 बातों का पालन करे, तो वह रोग -प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा या सुधार सकता है-

पौष्टिक भोजन करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता का मुख्य कारण अनहेल्थी फूड खाना है।
इस प्रकार, इसे बढ़ाने के लिए लोगों को पौष्टिक भोजन करना चाहिए जो विटामिन, कैल्शियम, आयरन इत्यादि तत्वों से भरपूर हो। कोरोनावायरस
हर रोज़ एक्सराइज़ करना- चूंकि,लॉ इम्युनिटी पावर शारीरिक कमज़ोरी से है, इसलिए दूर करने में एक्सराइज़ करना लाभदायक साबित हो सकता है।
इसी कारण, यदि कोई व्यक्ति हर रोज़ एक्सराइज़ करता है, तो वह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को सुधार सकता है।
भरपूर नींद लेना- हेल्थ संबंधी कुछ समस्याएं भरपूर नींद न लेना का नतीजा होती हैं।
इनमें कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी शामिल है, जो अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
इसी कारण, इसे बढ़ाने के लिए व्यक्ति को भरपूर नींद (6-8 घंटों) लेना आवश्यक बन जाता है।
नशीले पदार्थों का सेवन न करना- जैसा कि ऊपर स्पष्ट किया गया है कि लॉ इम्युनिटी पावर नशीले पदार्थों का सेवन करने से भी होती है।
इसी कारण, लोगों को इनका सेवन नहीं करना चाहिए ताकि उनकी सेहत खराब न हो और वे सेहतमंद रह सकें।
संतुलित वजन बनाए रखना- चूंकि, वजन का अधिक होना कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता समेत काफी सारी बीमारियों का कारण बन सकता है।
अत: लोगों को अपने वजन को संतुलित वजन बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए ताकि उन्हें कोई बीमारी न हो।
 
वर्तमान समय में, काफी सारी बीमारियाँ फैल रही हैं, जिनमें कोरोनावायरस भी शामिल हैं।
हम सभी हर रोज़ कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की खबरे टी.वी में देखते रहे हैं, जिसे कम करने के लिए राज्य सरकारों समेत केंद्रीय सरकार हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं।
यदि आप कोरोनावायरस से बचने के उपायों पर ध्यान दें, तो उनमें सबसे महत्वपूर्ण रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है ताकि इस वायरस से बचा जा सके।
लोगों में इम्युनिटी पावर को बढ़ाने के उपायों की जानकारी न होने के कारण वे इसे सुधार नहीं पाते हैं।
इस प्रकार, हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद वे अपनी इम्युनिटी पावर को बढ़ा पाएंगे।

सबसे अधिक पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’S)

Q1. कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाया जा सकता है? कोरोनावायरस

Ans- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मुख्य रूप से खान-पान में बदलाव करके, एक्सराइज़ करके, साफ-सफाई का ध्यान रखकर इत्यादि तरीके से बढ़ा सकते हैं।

Q2. लॉ इम्युनिटी पावर के लक्षण क्या हैं? कोरोनावायरस

Ans- यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ संबंधी कोई समस्या,अंदरुनी अंगों में सूजन होना, जेनेटिक कारण इत्यादि लक्षण नज़र आए तो उसे अपनी सेहत की जांच करानी चाहिए क्योंकि ये लॉ इम्युनिटी पावर के संकेत हो सकते हैं।

Q3. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए? कोरोनावायरस

Ans- रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में खट्टे फल, ब्रोकली, अदरक, लहसून इत्यादि का सेवन करना लाभकारी साबित हो सकता है।

Q4. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए कौन-से घरेलू नुस्खे अपनाए जा सकते हैं? कोरोनावायरस

Ans- रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में घरेलू नुस्खे भी सहायक साबित हो सकते हैं।
इसमें नींबू पानी पीना, शहद का सेवन करना, एक्सराइज़ करना, धूप में कुछ समय बिताना इत्यादि करना लाभकारी साबित होता है।

Q5. कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता के कारण क्या हैं? कोरोनावायरस

Ans- कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता मुख्य रूप से नशीले पदार्थों का सेवन करना, अनहेल्थी फूड करना, किसी बीमारी से पीड़ित होना, सफेद सेल्स का कमज़ोर होना इत्यादि कारणों से हो सकती है।

Q6. किसी व्यक्ति के बीमार होने के कारण क्या हैं? कोरोनावायरस

Ans- यदि कोई व्यक्ति पर्याप्त नींद न ले, एक्सराइज़ न करे, पौष्टिक भोजन न करे, तो उसके बीमार होने की संभावना काफी अधिक रहती है।

Q7. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित कैसे बनाया जा सकता है? कोरोनावायरस

Ans- रोग- प्रतिरोधक क्षमता को संतुलित बनाया जा सकता है।
इसके लिए अधिक मात्रा में सब्जियों और फलों का सेवन करना, हाथों को अच्छी तरह से धोना, टीकाकरण करना, धूम्रपान न करना, शराब का सेवन न करना इत्यादि को किया जा सकता है।

  #कोरोनावायरस

शरीर लगातार विभिन्न प्रकार की बीमारियों के वाहक जीवाणुओं के हमले झेलता रहता है। ये हमले नाकाम तभी हो सकते हैं जब हमारे शरीर का किला यानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। इस किले को मजबूत करना कोई ज्यादा मुश्किल नहीं है। आइए देखते हैं कैसे :

जल
यह प्राकृतिक औषधि है। प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी या तो सामान्य तापमान पर हो या फिर थोड़ा कुनकुना। फ्रिज के पानी के सेवन से बचें। #कोरोनावायरस


रसदार फल
संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण तथा विटामिन सी होता है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप चाहें तो पूरे फल खाएँ और चाहें तो इनका रस निकालकर सेवन करें। हां, रस में शकर या नमक न मिलाएं। #कोरोनावायरस


गिरीदार फल
सर्दी के मौसम में गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है। इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह चाय या दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है। #कोरोनावायरस


अंकुरित अनाज
अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है। ये पचाने में आसान, पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। #कोरोनावायरस


सलाद
भोजन के साथ सलाद का उपयोग अधिक से अधिक करें। भोजन का पाचन पूर्ण रूप से हो, इसके लिए सलाद का सेवन जरूरी होता है। ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, पत्तागोभी, प्याज, चुकंदर आदि को सलाद में शामिल करें। इनमें प्राकृतिक रूप से मौजूद नमक हमारे लिए पर्याप्त होता है। ऊपर से नमक न डालें। #कोरोनावायरस


चोकर सहित अनाज
गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें। इससे कब्ज नहीं होगी तथा प्रतिरोध क्षमता चुस्त-दुरुस्त रहेगी। #कोरोनावायरस


तुलसी
तुलसी का धार्मिक महत्व अपनी जगह है मगर इसके साथ ही यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। रोज सुबह तुलसी के 3-5 पत्तों का सेवन करें। #कोरोनावायरस


योग
योग व प्राणायाम शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी जानकार से इन्हें सीखकर प्रतिदिन घर पर इनका अभ्यास किया जाना चाहिए।
हंसना जरूरी है
हंसने से रक्त संचार सुचारु होता है व हमारा शरीर अधिक मात्रा में ऑक्सीजन ग्रहण करता है। तनावमुक्त होकर हँसने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में मदद मिलती है।

#कोरोनावायरस

इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरोधक प्रणाली दुरुस्त न हो, तो हम बहुत जल्द बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इम्यून सिस्टम के कमज़ोर होने का सबसे बड़ा कारण है डायट में न्यूट्रीएंट्स की कमी. तो आइए जानते हैं, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में, ताकि इन्हें अपनी रोज़मर्रा की डायट में शामिल कर आप हमेशा सेहतमंद बने रहें. #कोरोनावायरस


सब्ज़ियां
सब्ज़ियां खाने से कोलेस्ट्रॉल व हृदय रोग की संभावना कम होती है. इनसे शरीर को विटामिन व मिनरल्स मिलते हैं, जिनसे इम्यून सिस्टम तंदुरुस्त रहता है. #कोरोनावायरस


मेथी
– रोज़ाना मेथी खाने से एनीमिया से राहत मिलती है.
– मेथी डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी लाभदायक है.
– डिलीवरी (प्रसव) के बाद इसे खाने से मां को अच्छा दूध आता है. #कोरोनावायरस


पालक
– इसमें आयरन, कैल्शियम काफ़ी मात्रा में होता है, जो एनीमिया में लाभदायक है.
– पालक व अन्य हरी सब्ज़ियों में विटामिन, मिनरल, फॉलिक एसिड व फाइबर्स होते हैं. #कोरोनावायरस


गाजर
– गाजर विटामिन ए, कैरोटिनाइड और एंटी ऑक्सीडेंट का स्रोत है.
– गाजर के सेवन से लंग कैंसर की संभावना कम होती है.
– विटामिन ए आंखों के लिए अच्छा होता है एवं मोतियाबिंद की संभावना को भी कम करता है. #कोरोनावायरस


टमाटर
– टमाटर का नियमित सेवन दिल की बीमारी में आराम पहुंचाता है.
– कोलेस्ट्रॉल हाई हो, तो नियमित रूप से टमाटर का जूस पीएं.
– टमाटर एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) का लेवल कम करने में भी सहायक होता है.
– इसमें लाइकोपेन होता है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज़ कर देता है, जिससे फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर को नुक़सान नहीं पहुंचा पाते.
– इसके नियमित सेवन से त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियों से लेकर हार्ट अटैक जैसी संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का ख़तरा कम हो जाता है. #कोरोनावायरस


फल
ये एंटी-ऑक्सीडेंट के भंडार होते हैं. इन्हें रोज़ खाया जाना चाहिए. #कोरोनावायरस

सेब
– सेब विटामिन सी व पोटैशियम का अच्छा स्रोत है.
– यदि 1 या 2 सेब रोज़ खाए जाएं, तो एनर्जी लेवल में बढ़ोतरी होती है.
– इससे इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है और ब्लडप्रेशर भी कम होता है. #कोरोनावायरस


संतरा
– यह विटामिन ङ्गसीफ का स्रोत है.
– संतरा कैंसर से बचाव, ब्लड सर्कुलेशन (रक्तसंचार) बढ़ाने, घावों को जल्दी भरने मेें भी सहायक है. #कोरोनावायरस


अंगूर
– हरे व काले दोनों तरह के अंगूरों में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं.
– ये नसों को संकीर्ण और कड़ा होने से बचाते हैं.
– अंगूर में पाए जाने वाले इलॉजिक एसिड में एंटी कैंसर गुण भी होते हैं.
– इसमें एन्थोसाएनिन्स की मात्रा अधिक होती है.
– ये शरीर में मौजूद ख़राब एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को नष्ट करता है और ख़ून के थक्के नहीं जमने देता. #कोरोनावायरस


बेरीज़
– सभी बेरीज़, जैसे- स्ट्रॅाबेरी, ब्लूबेरी, केनबेरी आदि विटामिन एवं फाइटोकेमिकल्स के अच्छे स्रोत हैं.
– फाइटोकेमिकल्स ऐसे पदार्थ हैं, जो बीमारियों से बचाते हैं.
– स्ट्रॉबेरी में एंटी कैंसर गुण भी होते हैं.
– इसे खाने से कमज़ोरी और डिप्रेशन दूर होता है. #कोरोनावायरस


केला
– इसे ङ्गइंस्टेंट एनर्जी बूस्टरफ कहना सही होगा, क्योंकि इसे खाने पर तुरंत एनर्जी मिलती है.
– इसमें 3 प्रकार की प्राकृतिक शर्करा होती है- ग्लूकोज़, सूक्रोज़ और फ्रक्टोज़.
– इसमें पाए जानेवाले हाई फाइबर कब्ज़ दूर करने में सहायक होते हैं.
– इसके अलावा केले का सेेवन अल्सर, एनीमिया, ब्लडप्रेशर, डिप्रेशन आदि में भी उपयोगी होता है. #कोरोनावायरस


नाशपाती
– यह पेक्टीन फाइबर व पोटैशियम का स्रोत है.
– पेक्टीन कोलेस्ट्रॉल कम करता है, शरीर को टॉक्सीन से मुक्त रखता है.
– इसमें सोडियम, फॉस्फोरस, कॉपर, विटामिन ए, सी भी होता है. यह व्हाइट सेल्स को इंफेक्शन से लड़ने के लिए उत्तेजित करता है और फ्री रेडिकल्स से होनेवाले नुक़सान से बचाता है. #कोरोनावायरस


तरबूज़
– इसमें प्रचुर मात्रा में लाइकोपेन पाया जाता है.
– ये प्रोस्टेट कैंसर के ख़तरे को कम करता है. #कोरोनावायरस


आड़ू
– इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइट्रेट विटामिन सी, ए और फाइबर होते हैं.
– मेनोपॉज़ के बाद की समस्याओं से बचने के लिए रोज़ 2 पीचेज़ खाना लाभदायक है, क्योंकि इसमें पाया जानेवाला ङ्गबोरोनफ एस्ट्रोजन हार्मोन लेवल को बढ़ाता है. #कोरोनावायरस


आंवला
– आंवले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो इम्यून सिस्टम को बहुत मज़बूत बनाता है.
– रोज़ सुबह आंवले का रस और शहद मिलाकर खाया जाए, तो अनेक बीमारियों से बचाव होता है. #कोरोनावायरस


सलाद
सलाद में खाए जानेवाले पदार्थ भी इम्यून सिस्टम दुरुस्त करने में सहायक होते हैं. #कोरोनावायरस


खीरा
– यह ठंडी प्रकृति का, डाययूरेटिक (मूत्रवर्द्धक) व त्वचा के लिए फ़ायदेमंद होता है.
– खीरे का ताज़ा रस सीने की जलन, एसिडिटी, एक्ज़िमा, आर्थराइटिस, गेस्ट्राइटिस व अल्सर में भी फ़ायदा
पहुंचाता है. #कोरोनावायरस


शतावरी
– इसमें कैलोरीज़ न के बराबर और विटामिन व मिनरल प्रचुर मात्रा में होते हैं, जैसे- विटामिन ए, बी, सी, बी 9 आदि.
– एस्पेरेगस में पाया जानेवाला विटामिन ए त्वचा व बालों के लिए एवं फाइबर आंतों की सफ़ाई के लिए फ़ायदेमंद होता है. #कोरोनावायरस


मूली
– इसमें ज़िंक काफ़ी मात्रा में होता है.
– यह मूत्रवर्द्धक होती है.
– इसकी पत्तियों में आयरन, कैल्शियम व विटामिन सी होता है. #कोरोनावायरस


बीटरूट
– इसमें आयरन, पोटैशियम व विटामिन सी होता है.
– यह लिवर को डिटॉक्स करता है और इम्यून सिस्टम को तंदुरुस्त रखता है. #कोरोनावायरस


नींबू
– इसमें इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग बनाने वाला विटामिन सी व फ्लेवोनॉइड नामक कंपाउंड पाया जाता है.
– इसमें एंटी-कैंसर व एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण भी होते हैं.
– यह त्वचा और मसूड़ों को हेल्दी बनाता है. #कोरोनावायरस


हरी धनिया
– इसमें आयरन होता है.
– यह भोजन का स्वाद बढ़ाता है तथा एलर्जी व अपचन से बचाता है. #कोरोनावायरस


दही
– दही में ज़िंक होता है, जिसकी कमी से इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है.
– इसमें कैल्शियम, विटामिन ई व प्रोटीन होता है.
– दही खाने से मुंह से आनेवाली बदबू कम होती है.
– पाचन नली के हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है, जिससे पाचन क्रिया ठीक रहती है.
साथ ही पेट संबंधी सारी समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है. #कोरोनावायरस


शहद
– इसमें प्राकृतिक शर्करा व कार्बोहाइड्रेट होेता है, जो शरीर में आसानी से अवशोषित हो कर इंस्टेंट एनर्जी देते हैं, जिसका असर लंबे समय तक रहता है. अतः एथलीट व रनर्स अपनी डेली डायट में इसका उपयोग करते हैं.
– यह स्ट्रेस बूस्टर व एंटीसेप्टिक भी है. #कोरोनावायरस


पार्सले
– इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीज़, आयरन होता है.
– यह भी इम्यून सिस्टम को दुरुस्त रखने में सहायक है.

तुलसी
– इसके पत्ते गैस की समस्या, मितली व पेट की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.
– हेपेटाइटिस व टाइफ़ाइड से बचने के लिए इसके 5 पत्ते रोज खाएं.#कोरोनावायरस


ड्रायफ्रूट्स
– सभी ड्रायफ्रूट्स विटामिन्स, फ़ाइबर, मिनरल आयरन व कैल्शियम के स्रोत हैं.
– ये बहुत हेल्दी होते हैं. इनमें हाई प्रोटीन व फैट होता है.
– ब्रेनफूड बादाम विटामिन ई का स्रोत है, जो त्वचा की झुर्रियां व कोलेस्ट्रॉल कम करता है.
– अखरोट में ओमेगा 3 ़फैटी एसिड होता है, जो आर्थराइटिस कम करता है.
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अनाज
विभिन्न अनाजों में मौजूद उपयोगी पदार्थ भी इम्यून सिस्टम बढ़ाते हैं, जिससे हम बने रहते हैं सेहतमंद.
दालें (सभी तरह की)
– इनमें सभी आवश्यक एमीनो एसिड्स होते हैं.
– इनमें 20-25% प्रोटीन होता है, जो गेहूं में पाए जाने वाले प्रोटीन से दुगुना और चावल के प्रोटीन से तिगुना होता है.

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सोयाबीन
– इसमें ओमेगा 3 व ओमेगा 6 फैटी एसिड्स होते हैं, जो हेल्थ के लिए अच्छे हैं.
– मेनोपॉज़ व ऑस्टियोपोरोसिस में इसका उपयोग बहुत फ़ायदा पहुंचाता है.#कोरोनावायरस


बीन्स
– बीन्स में विटामिन बी व पोटैशियम होता है.
– ये कोलेस्ट्रॉल कम करने, ब्लड शुगर नियंत्रित करने और ब्लडप्रेशर, कैंसर व मोटापे का रिस्क कम करने में
सहायक हैं.
ओट्स (जई)
– इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, सिलिकॉन, विटामिन बी व ई होते हैं. नाश्ते में इनका सेवन सेहतमंद होता है.
ये पाचन में भी मदद करते हैं.
– कोलेस्ट्रॉल कम करने व डायबिटीज़ के लिए फ़ायदेमंद हैं.#कोरोनावायरस


फ्लेक्स सीड्स (अलसी)
– फ्लेक्स सीड्स में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होता है, अतः इसके सेवन से हृदय रोग, कैंसर, आर्थराइटिस जैसी बीमारियों से बचाव होता है.
– इसमें मैगनीज़, फ़ॉलिक एसिड, कॉपर, फ़ॉस्फ़ोरस व विटामिन बी 6 होता है.
– यदि रोज़ इसका सेवन किया जाए तो सोरायसिस, ऑस्टियोपोरोसिस, डायबिटीज़ व एलर्जी में फ़ायदा
होता है.
तिल
– इसमें विटामिन ए, बी, ई के अलावा कैल्शियम, कॉपर, फ़ॉस्फ़ोरस, मैगनीज़, पोटैशियम व ज़िंक भी होता है.#कोरोनावायरस


पॉपी सीड्स (खसखस)
– यह गर्भवती व दूध पिलाने वाली मांओं के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.
– इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस होता है.
– यह शरीर के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. #कोरोनावायरस


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