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चीन अग्रेसिव क्यों दिख रहा है ?

चीन अग्रेसिव क्यों दिख रहा है ?
चीन अग्रेसिव क्यों दिख रहा है ?

चीन अग्रेसिव क्यों दिख रहा है ? Why is China looking aggressive ?


चीन अग्रेसिव क्यों दिख रहा है ? नेपाल और पाकिस्तान चीनी लाइन पर क्यों चल रहे हैं..भारत क्या कर रहा है..या कुछ कर भी रहा है क्या? भारत-चीन के बीच सारा एक्शन लद्दाख/सिक्किम में ही चल रहा है क्या...पूरे दिन 24 घंटे खबरें दिखाने वाले तमाम न्यूज चैनल मिलकर भी २ हफ़्तों से इस मुद्दे पर कोई क्लैरिटी नहीं दे पाए हैं.
हमारे मीडिया की चर्चाओं में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री का समोसा बनाना ही खबर बनता है..और एक औपचारिक खबर बन जाती है कि भारत ऑस्ट्रेलिया ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर बात की.
अभी हमारे आस पास जो चल रहा है उसे समझने के लिए हमंको समझना होगा "QUAD " को..
QUAD है ‘भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान’ का चतुष्कोणीय गठबंधन..
दरअसल कहानी की शुरुआत हुई थी एक दशक पहले जब इन्ही चार देशों के संगठन को बनाने की बात चली थी. उस वक़्त कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया को चीन के दवाब में अपने कदम वापस लेने पड़े थे और हमारे यहां भी मनमनोहन जी जैसे सुपर स्ट्रांग प्रधानमंत्री थे जो चीन के साथ साझा विजन के ही पक्षधर थे..तो बात आयी गयी हो गयी थी..और चीन अपने OROB प्रोजेक्ट के सहारे अपने अश्वमेघ यज्ञ पर निर्बाध तरीके से दुनिया जीतने पर निकला जा रहा था. लेकिन अमेरिका और जापान के विजनरी लीडर्स समझ रहे थे कि ये मामला भविष्य में बड़ा खतरा बनके उभरने वाला है.
जापानी प्रधानमंत्री ने 2017 में एक बार फिर हिम्मत करके चारों देश को एक साथ लाने का फिर से प्रस्ताव रखा...इस बार भारत में नरेंद्र बाहुबली थे..अमेरिका में डेयरिंग ट्रम्प..और ऑस्ट्रेलिया भी मन बना चुका था कि इंडो पैसफिक रीजन में चीन को फ्री पास नहीं दिया जा सकता. जिस QUAD को एक दशक पहले खड़ा हो जाना चाहिए था वो 2017 में हकीकत में बदलने लगा.


चतुष्कोणीय गठबंधन बनने का प्रमुख कारण चीन द्वारा 'वन बेल्ट वन रोड' है..जिसका उद्देश्य चीन डोमिनेटेड दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक मंच का निर्माण करना है। जिससे चीन ने एक Global superpower बनने का सपना देखा था.
चीन के साथ दिक्कत ये है कि उसका जो तानाशाही रवैया अपने देश के अंदरूनी मुद्दों पर चलता है वो उसे पूरी दुनिया में भी चलाना चाहता है..यही वजह है कि चीन अपनी महत्त्वाकांक्षा में अन्य देशों की संप्रभुता का ख्याल नहीं करता. वहीँ दूसरी तरफ चीन को रोकने में सक्षम किसी शक्ति का अभाव भी चीन को ओवर कॉन्फिडेंस से भरे जा रहा था.
इस QUAD ग्रुप के बनने के बाद ऐसा नहीं है कि चीन कमजोर पड़ गया है..वो एक आर्थिक महशक्ति है ये एक सच्चाई है..वो ताकतवर है ये भी सच्चाई है..जब हमारी सरकारें सोई हुईं थीं और भ्रष्टाचार में लिप्त थी तब चीन स्ट्रिंग ऑफ़ पर्ल्स के माध्यम से हमको घेर ही चुका था. वर्तमान में देखे तो चीन का अश्वमेघ यज्ञ का घोड़ा बिना किसी चेलेंज के हमारे यहां से सफलतापूर्वक निकल चुका था और हम और आप उस समय आईपीएल और बॉलीवुड के कॉकटेल में और पाकिस्तानी मिमिक्री आर्टिस्टों की कॉमेडी, गायकों की ग़ज़लों को रियल्टी टीवी पर देखने में व्यस्त थे. पूरा तंत्र एक पर्दा डाले हुए थे कि सब कुछ सही है.
जबकि दूसरी तरफ:
* पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ UN द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने का चीन विरोध करता आ रहा था।
* चीन तथा पाकिस्तान के सैन्य-संबंध लगातार मज़बूत होते जा रहे थे।
* चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर के संबंध में व्यक्त भारत की चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर रहा था।
* भारत NSG की सदस्यता हासिल नहीं कर पा रहा था।
* हिंद महासागर में चीनी नौसेना की उपस्थिति बढ़ती जा रही थी।
* मालदीव, श्रीलंका, पाकिस्तान, नेपाल आदि पड़ोसी देशों में चीन आक्रामक ढंग से निवेश कर रहा था.
इन तःथ्यों की रौशनी में जब आप ट्रम्प- मोदी की दोस्ती देखेंगे..जापान-भारत के डायलॉग समझेंगे...ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री द्वारा समोसे के फोटो डालना देखेंगे तब आपको समझ आने लगेगा कि चीन डोकलाम में दवाब बनाने 2017 में ही क्यों कूदा क्यूंकि 2017 में ही QUAD दोबारा खड़ा हुआ...नार्थ कोरिया ने किसके उकसावे पर जापान पर मिसाइल फायर कीं..नेपाल को भारत के खिलाफ कौन उकसा रहा है...पाकिस्तान क्यों चीन के पालतू पागल कुत्ते की तरह बिहेव कर रहा है...या ट्रम्प की विजिट के दिन ही अचानक बिना बात दिल्ली में दंगे क्यों शुरू हुए..ये संयोग नहीं सब प्रयोग ही हैं.
नरेंद्र बाहुबली की सबसे बड़ी ताकत हम और आप हैं..जब तक हम मजबूती से आपस में यूनिटी बना कर रखेंगे तब तक इस लड़ाई में हमारा कोई चांस है..वरना जिस तरह ब्रेकिंग इंडिया फ़ोर्स हमारे यहां लगी हुईं हैं हमारे आपसी विश्वास के टूटते ही अमेरिका जैसे आंतरिक हालात हमारे यहां भी होने तय हैं.
हमारे कहने का मतलब ये नहीं है कि चीन से हम कल ही लड़ने जा रहे हैं..कहने का मतलब है कि चीन अपनी फील्डिंग सेट कर रहा है...हमें अपनी करनी है..और भविष्य में चीन को या किसी और देश को कोई ग़लतफ़हमी हो तो उसकी ग़लतफ़हमी दूर करने के लिए हम सबल बने रहें ये लड़ाई उसकी है.
अब तक लड़ाई में धकेलते हुए हम पीछे ही आते जा रहे थे...यहां से हमने अपना पैर गढ़ा दिया है...अब बस आगे ठेलना है...और ठेलते ही जाना है...और इस लड़ाई में हमारी एक ही पहचान होनी चाहिए..."भारतीय"..


Why is China looking aggressive ?.. Why are Nepal and Pakistan walking on the Chinese line… What is India doing… or is it doing anything? All the action between India and China is going on only in Ladakh / Sikkim ... Have all the news channels showing 24 hours of news all day have not been able to give any clarity on this issue for 2 weeks.
In our media discussions, making news of Australia's Prime Minister is the news ... and it becomes a formal news that India Australia talked about increasing mutual cooperation.
To understand what is going on around us right now, we have to understand "QUAD" ..
QUAD is the quadrilateral alliance of 'India, Australia, America and Japan' ..
Actually the story started a decade ago when there was talk of forming the organization of these four countries. At that time, it was said that Australia had to take back its steps under pressure from China and we also had a super strong Prime Minister like Manmohanji who was in favor of a shared vision with China… then the talk had come…. With the help of its OROB project, China was going to win the world in a smooth manner on its Ashwamedh Yagya. But the visionary leaders of America and Japan were understanding that this matter is going to emerge as a big threat in future.
In 2017, the Prime Minister once again dared to propose to bring the four countries together ... This time there was Narendra Bahubali in India..Dearing Trump in the US..and Australia had also made up that Indo Pacific Region I cannot be given a free pass to China. The QUAD that should have stood up a decade ago started turning into reality in 2017.
The main reason for forming a quadrilateral alliance is the 'One Belt One Road' by China which aims to build the largest economic platform in the world dominated by China. Through which China dreamed of becoming a Global superpower.
The problem with China is that its dictatorial attitude that runs on the internal issues of its country, it wants to run it all over the world too .. That is why China does not take care of the sovereignty of other countries in its ambition. On the other hand, lack of any power capable of stopping China was also being filled with overconfidence.
After the formation of this QUAD group, it is not that China has weakened .. It is an economic power, it is a fact, it is powerful, it is also a truth .. When our governments were asleep and indulged in corruption then China had already surrounded us through the String of Pearls. Currently, the horse of China Ashwamedh Yagya had successfully left us without any change and we and you were busy watching IPL and Bollywood cocktails and comedy of Pakistani artist artists, ghazals of singers on realty TV. Were. The entire system was a curtain that everything is correct.
While on the other side:
* China had been opposing the UN ban against Pakistan-backed terrorists.
* The military relations of China and Pakistan were steadily becoming stronger.
* China-Pakistan was ignoring India's expressed concerns regarding the economic corridor.
* India was not able to get membership of NSG.
* The presence of the Chinese Navy in the Indian Ocean was increasing.
* China was aggressively investing in neighboring countries like Maldives, Sri Lanka, Pakistan, Nepal etc.
In the light of these facts, when you see the friendship of Trump-Modi ... you will understand the dialogue of Japan-India ... If you see the photo of Samosa by the Prime Minister of Australia, then you will understand why China jumped in Doklam only in 2017 because In 2017, QUAD stood again ... North Korea fired missiles at Japan on whose instigation ... Who is instigating Napal against India ... Why Pakistan is behaving like China's pet crazy dog ​​.. Or why suddenly riots started in Delhi on the day of Trump's visit… These are not all coincidences but experiments.
The biggest strength of Narendra Bahubali is us and you ... As long as we keep the unity firmly together, we have a chance in this fight .. Otherwise, the way the Breaking India Force is engaged here, we are breaking our mutual trust. Only internal conditions like America are going to happen here.
We do not mean to say that we are going to fight China tomorrow itself…. Saying that China is setting its fielding… We have to do our own… and in future China or any other country If there is any misunderstanding, then we should remain strong to clear his misconception.
Till now we were going to come back while being pushed in the fight… from here we have fabricated our feet… Now just to move forward… and to go on staring… and in this battle we have only one Must be identified ... "Indian" ..

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